6 जून को राधिका, मेरी छोटी बेटी, का जन्मदिन था, जिसे हमने बड़े ही सादे ढंग से मनाया। ये रहीं कुछ तसवीरें।
बिना केक के बर्थडे कैसे पूर्ण हो! दो केक का राज यह है कि मुझे चोकलेट केक पसंद नहीं है, और बच्चों को वही पसंद है! इसलिए अपना खयाल रखते हुए मैंने दोनों ही मंगा लिए!
मम्मी (माई बेटर हाफ उमा) की मदद से राधिका केक काटने की रस्म अदा कर रही है। कैंडल न रखने का हमने निर्णय किया था।इन चित्रों में मैं और मेरी बड़ी बेटी दिव्या नहीं हैं। कैमरा मेरे हाथ में था इसलिए मैं चित्रों में नहीं हूं। बड़ी लड़की बारहवीं कक्षा में आई है और ट्यूशन के टेंशन से उसे छुटकारा ही नहीं है। वह रात नौ बजे लौटी। तब तक पार्टी-शार्टी खत्म हो चुकी थी। हां, हमने उसके लिए केक जरूर बचाकर रखे!






