Tuesday, June 30, 2009

जब आपके बच्चे का हो यौन शोषण - 3

बाल यौन शोषण के संकेत


बच्चों का यौन शोषण करनेवाले अपराधियों के कुछ प्रारंभिक व्यवहार इस अपराध की पूर्व सूचना दे सकते हैं। बच्चों को इन संकेतों को पहचानना सिखाएं। इनमें से कुछ का विवरण नीचे दिया गया है। बच्चों को बताएं कि यदि उन्हें किसी बड़े व्यक्ति के हाथों निम्नलिखित में से किसी भी तरह का व्यवहार झेलना पड़े, तो वह उस व्यक्ति द्वारा उनके संभावित भावी यौन शोषण की चेतावनी है और उन्हें उस व्यक्ति से सतर्क रहना चाहिए।

अपने बच्चों से पूछें कि क्या उनके साथ किसी ने इस तरह का व्यवहार किया है -

• उनके प्रति अन्य बच्चों से अलग तरह से पेश आना।
• उनके साथ अकेले में समय बिताने की कोशिश करना।
• बहाने बनाकर उन्हें ऐसी जगह ले जाना जहां वे उसके साथ अकेले रहें।
• ऐसी स्थिति पैदा करना कि उन दोनों के अलावा बाकी लोग वहां से चले जाएं।
• उनसे ऐसे कार्य करवाना जिनसे शारीरिक संपर्क बने, जैसे पीठ खुजलवाना, मालिश कराना, या नहाने में उनकी मदद करना।
• उनके निजी अंगों को जान-बूझकर ऐसे छूना मानो अनजाने में छू दिया हो, जैसे खेलते समय उनके स्तनों को स्पर्श करना।
• उनके शरीर को यह कहकर देखना या छूना कि वह उनके शारीरिक विकास की जांच करना चाहता है।
• ऐसे समय में दवाई या मलहम लगाना जब उन दोनों के अलावा वहां और कोई न हो, या जब दवाई या मलहम की जरूरत ही न हो।
• जब वे कपड़े बदल रहे हों या गुसलखाने में हों, तब वहां अचानक आने का दिखावा करना।
• बिना दस्तक दिए उनके कमरे में आना।
• उन्हें स्नानघर और शयनकक्ष का दरवाजा बंद नहीं करने देना।
• उन्हें यौन शिक्षा देने के बहाने अश्लील तस्वीरें दिखाना।
• उनके शरीर और उनके तैयार होने के ढंग के बारे में कामुक बातें करना।
• उनके साथ यौन क्रियाओं के बारे में विस्तार से बातें करना।
• उनसे यह कहना कि तुम खास और अलग हो और सिर्फ तुम ही मुझे अच्छी तरह समझते हो।
• उन्हें खास सुविधाएं देना ताकि वे उसके प्रति एहसानमंद महसूस करें।
• उनके साथ दूसरों से घटिया बर्ताव करना।
• उन्हें दूसरे मित्र न बनाने देना।
• उन्हें ऐसी गतिविधियां न करने देना जो उनकी उम्र के दूसरे बच्चे करते हैं।
• उनसे कहना कि अपने किसी भी नजदीकी व्यक्ति को उनके और उसके बीच हुई बातों के बारे में मत बताना।
• बिना कारण रात को उनके सोने के कमरे में आना।

(... जारी)

इस लेख माला के अब तक के लेखों की कड़ियां
1. विषय प्रवेश
2. कौन होता है शोषक?

5 Comments:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

बहुत अच्छा प्रयास!

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत शिक्षादायक आलेख.

रामराम.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

जानकारी उपयोगी है।
आभार!

अजय कुमार झा said...

बहुत बढिया और उपयोगी जानकारी दे रहे हैं आप...

गिरिजेश राव said...

अन्ना, यह 'प्रयास' नहीं एक बहुत ही साहसपूर्ण और सफल श्रृंखला है। यदि मुझे आप के सारे लेखों में से एक चुनने को कहा जाय तो मैं इसे चुनूँगा।

आभार्

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