Saturday, April 25, 2009

इंडीब्लोगर – एक अलग प्रकार का ब्लोग एग्रिगेटर

हिंदी चिट्ठाकार चिट्ठाजगत, ब्लोगवाणी, नारद आदि एग्रिगेटरों से परिचित होंगे, पर आपमें से कई इंडीब्लोगर में नजर नहीं आ रहे हैं। इसका कारण यह हो सकता है कि हिंदी ब्लोगर इंडीब्लोगर को अंग्रेजी ब्लोग का एग्रिगेटर समझकर उसे छोड़ देते हैं। पर इंडीब्लोगर सभी भारतीय भाषाओं के ब्लोगों का एग्रिगेटर है, मात्र अंग्रेजी ब्लोगों का नहीं। उसकी डाइरेक्टेरी में 300 से ज्यादा हिंदी ब्लोग हैं, और यह संख्या रोज बढ़ती जा रही है। तमिल, मराठी, गुजराती, मलयालम आदि भाषाओं के ब्लोग भी उसमें हैं। इसलिए अपने हिंदी ब्लोग को इंडीब्लोगर में जमा कराने से न कतराएं।

इंडीब्लोगर भी एक प्रकार का ब्लोग एग्रिगेटर है, जैसे चिट्ठाजगत आदि, पर वह कुछ-कुछ भिन्न भी है।

इसे रेनी रवीन और उसके मित्रों ने शुरू किया है। इसमें ब्लोगर अपना प्रोफाइल बनाकर अपने ब्लोगों को जमा कर सकता है। जब इंडीब्लोगर ब्लोग को अनुमोदित कर देता है, तो वह इंडीब्लोगर की ब्लोग डाइरेक्ट्री में दिखाई देने लगता है। प्रोफाइल पृष्ठ में उस ब्लोग के पांच-छह ताजा पोस्टों की कड़ियां भी दर्शाई जाती हैं। यदि एक व्यक्ति के कई ब्लोग हों, प्रोफाइल पृष्ठ में ये सभी ब्लोग दिखाई देंगे, बशर्ते उन सभी ब्लोगों को इंडीब्लोगर में विधिवत जमा कराया गया हो।

ब्लोगों को क्रम (इंडीरैंक) दिया जाता है और सबसे अधिक क्रम वाले ब्लोग डाइरेक्ट्री में पहले दिखाई देते हैं। डाइरेक्ट्री को अनेक वर्गों में बांटा गया है, जैसे:-

• तकनीकी ब्लोग
• हिंदी ब्लोग
• फुड ब्लोग
• ट्रेवल ब्लोग
• क्रिकेट ब्लोग
• आदि

इस विस्तृत वर्गीकरण के कारण ब्लोगों की विसिबिलिटी बढ़ती है क्योंकि प्रत्येक वर्ग में कुछ सौ ब्लोग ही होते हैं, और यदि आपका ब्लोग अपने वर्ग के ब्लोगों से थोड़ा भी अच्छा हो, तो सूची के आगे आ जाता है।

यह एग्रिगेटर अभी नया ही है। इसके बने कुछ ही महीने हुए हैं। इसलिए इसमें अभी अधिक ब्लोग नहीं जमा हुए हैं। अतः आपका ब्लोग ब्लोगों की भीड़-भाड़ में खो नहीं जाएगा। उदाहरण के लिए इसके हिंदी ब्लोग वाले वर्ग में अभी केवल 300 ब्लोग हैं। कुछ प्रमुख हिंदी ब्लोग जो इंडीब्लोगर में हैं, ये हैं –

• कबाडखाना (अशोक पांडे, हल्दवानी)
• रविरतलामी का हिंदी ब्लोग (रवि श्रीवास्तव, भोपाल)
• भड़ास (रजनीश झा, नई दिल्ली)
• अनिल का हिंदी ब्लाग (डा. अनिल कुमार, टक्सास)
• इर्द-गिर्द (हरि जोशी, मेरठ)
• बाल सजग (महेश, कानपुर)
• नुक्ताचीनी (सरिता अग्रारे, भोपाल)
• अप्रवासी उवाच (सुधीर पांडे, मिशिगम, अमरीका)
• मिशन इंडिया फाउंडेशन (मुनीश रायजादा, अमरीका)

मैंने अपने तीनों ही ब्लोगों को, अर्थात जयहिंदी, प्रिंटेफ-स्कैनेफ और केरल पुराण को, इंडीब्लोगर में जमा किया है।

कई परिचित हिंदी ब्लोग अभी इंडीब्लोग में नहीं दिखाई दे रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:-

• Mired Mirages (घुघूती बासूती)
• शब्दों का सफर (अजीत वाडनेकर)
• चोखेर बाली
• मल्हार (पी एन सुब्रमण्यम)
• मसिजीवी
• आंख की किरकिरी (नीलिमा, दिल्ली)
• मोहल्ला
• तरकश, जोग लिखी (संजय बेंगाणी)
• संचिका, भुजंग (लवली कुमारी)

यदि इनके रचयिता इस पोस्ट को पढ़ रहे हों, तो इंडीब्लोगर में अपने इन ब्लोगों को अवश्य ले आएं। इसमें चंद मिनटों का समय ही लगता है।

ब्लोग डाइरेक्टेरी के अलावा इंडीब्लोगर में दो-एक अन्य विशेषताएं भी हैं जो मैंने अन्य ब्लोग एग्रिगेटरों में नहीं देखी हैं।

इनमें से एक इंडीवाइन नामक विशेषता है। इसमें इंडीब्लोगर आपके ब्लोग के कुछ अच्छे पोस्टों को जमा करने देता है। इंडीवाइन के लिए भी इंडीब्लोगर में कुछ वर्ग रखे गए हैं, और यदि आपने उन वर्गों में कोई अच्छा पोस्ट लिखा हो, तो उन्हें आप अलग से इन वर्गों में जमा कर सकते हैं। इससे आपके अच्छे पोस्टों को अतिरिक्त विसिबिलिटी प्राप्त हो सकती है। इनमें से कुछ वर्ग ये हैं:-

• इलेक्शन्स 2009
• महिलाओं पर प्रहार
• टाटा नैनो
• मुंबई आतंकी हमले
• आईपीएल टूर्नामेंट, आदि

आप नए वर्ग भी सुझा सकते हैं।

एक अन्य सुविधा यह है कि आप अपने प्रोफाइल के साथ इंडीब्लोगर के अन्य ब्लोगों को जोड़ सकते हैं, कुछ-कुछ वैसे जैसे ब्लोगस्पोट में हम दूसरे ब्लोगरों के फोलोवर बनते हैं। इससे आपका इंडीरैंक बढ़ जाता है, यानी आपके ब्लोग को जितने अधिक लोगों ने अपने प्रोफाइल के साथ जोड़ा हो, उतना ही आपके ब्लोग का इंडीरैंक बढ़ेगा और आप इंडीब्लोगर की डाइरेक्ट्री में ऊपर आएंगे।

इंडीब्लोगर की एक अन्य विशेषता उसका फोरम (चर्चा मंच) है। इसमें अनेक प्रकार के विषयों पर चर्चाएं चलती रहती हैं। चर्चा में भाग लेनेवाले हर व्यक्ति का नाम और उसके प्रोफाइल की कड़ी दर्शाई जाती है। इससे ये चर्चाएं अपने प्रोफाइल को और अपने ब्लोगों को प्रचारित करने का बहुत बढ़िया मौका देती हैं। फोरम में आप अपने ब्लोग की समीक्षा की मांग भी कर सकते हैं। इससे भी आपके ब्लोग को प्रसिद्धी मिलती है।

इंडीब्लोगर समय-समय पर देश के अलग-अलग भागों में ब्लोगर मीट आयोजित करता रहता है, जिसमें भाग लेकर ब्लोगर एक-दूसरे के साथ व्यक्तिगत परिचय बढ़ा सकते हैं।

इंडीब्लोगर का अपना एक ब्लोग भी है जिसमें इसके निर्माता लोग इंडीब्लोगर के बारे में अपना मंतव्य प्रकट करते रहते हैं।

कुल मिलकार इंडीब्लोगर चिट्ठाजगत, ब्लोगवाणी आदि बड़े-बड़े एग्रिगेटरों से अधिक छोटा, चुलबुला और कसा हुआ एग्रिगेटर है, जिसमें अपने ब्लोग को जमा करने के अनेक फायदे हैं।

यदि आपका ब्लोग इंडीब्लोगर में नहीं हो, तो जल्दी ही उसे इंडीब्लोगर की डाइरेक्ट्री में शामिल करा दीजिए।

2 Comments:

लवली कुमारी / Lovely kumari said...

पहली ही फुर्सत में इसमें एड करती हूँ ब्लॉग ..पता तो था पर कभी ध्यान नही गया इस ओर. या यूँ कहिये बाकि के एग्रीगेटर से ही संतुष्ट हो लिए थे हम

Anil said...

इंडीब्लागर का aggregator तो मुझे नहीं मिला, हालांकि मैंने वहाँ अपना ब्लाग कुछ दिन पहले रजिस्टर करवाया था। इससे कुछ पाठक बढ़े।

इंडीब्लागर पर एक और खासियत लगी - वह है उसकी फोरम, जहाँ पर चिट्ठाकार आपस में गुफ्तगू कर सकते हैं।

जानकारी के लिये धन्यवाद!

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